गन्ना न कटने से रुकी रबी की बुआई, किसानों का फूटा गुस्सा
मिल प्रबंधन की मनमानी से बढ़ी परेशानी।
किसानों ने किया सरकार से हस्तक्षेप की मांग।
लौरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
लौरिया (पच्छिम चम्पारण) स्थानीय
प्रखंड क्षेत्र में गन्ने के सामान्य एवं निम्न प्रभेद वाले खेतों में अब तक कटाई नहीं हो पाने से रबी फसलों की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। समय पर खेत खाली नहीं हो पाने के कारण किसान गेहूं, चना, सरसों जैसी फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि वे हर वर्ष खुंटी गन्ना काटकर समय पर खेत तैयार कर लेते थे और रबी की बुआई आसानी से हो जाती थी। लेकिन इस बार एचपीसीएल चीनी मिल प्रबंधन द्वारा केवल उत्तम प्रभेद (वैरायटी) का ही गन्ना लिए जाने से सामान्य और रिजेक्ट श्रेणी के गन्ने खेतों में खड़े हैं। इससे न केवल खेत खाली नहीं हो पा रहे, बल्कि किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
इस संबंध में किसान रंजीत मिश्रा, सुभाष तिवारी, बांगड़ यादव, रोहित, अनुप रंजीत सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि पहले मिल सभी प्रभेदों का गन्ना लेती थी, जिससे उनकी खेती का चक्र सही समय पर चलता रहता था। अब मिल प्रबंधन की इस नीति के कारण किसान असमंजस में हैं। कई किसानों ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों का आरोप है कि मिल को चालू हुए लगभग ढाई महीना बीत चुका है, इसके बावजूद अब तक केवल वैरायटी गन्ने की ही खरीद की जा रही है। इससे छोटे और मध्यम किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं, इस मामले में जब एचपीसीएल चीनी मिल के गन्ना अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 20 जनवरी के बाद अन्य प्रभेदों का गन्ना भी लिए जाने की संभावना है। हालांकि किसानों का कहना है कि तब तक रबी की बुआई का समय निकल जाएगा।
किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मिल प्रबंधन को निर्देश दिया जाए कि सभी प्रभेदों के गन्ने की समय पर खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी खेती प्रभावित न हो और वे नुकसान से बच सकें।
