लौरिया के जवाहीरपुर घाट पर पुल निर्माण हेतु ग्रामीणों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लगाई गुहार।
लौंरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
लौरिया(पच्छिम चम्पारण) स्थानीय प्रखंड अंतर्गत बेलवा लखनपुर पंचायत के समीप बहती सिकरहना नदी पर पुल निर्माण की माँग वर्षो से होती आ रही है । कुछ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मौखिक व लिखित अनुरोध भी किया गया लेकिन अब तक उन्हे निराशा ही मिली। स्थानीय सिपाही चौधरी , सुरेश कुशवाहा , मनोज साह , अखिलेश यादव आदि का कहना है कि पुल के नहीं होने से ग्रामीण व छात्र चचरी पुल से आने जाने को विवश है। सिकरहना नदी पर पुल नहीं होने से दनियाल परसोना, धमौरा ,साठी, सिहपुर सतवरिया , बहुअरवा खजुरिया आदि पंचायत के लोगों को लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करके प्रखंड मुख्यालय तथा रेफरल अस्पताल आना पड़ रहा है।
वही दानियाल परसवना , कटहरी, धमौरा ,कला बरवा आदि के दर्जनों छात्र नदी के दूसरे किनारे पर अवस्थित +2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवाहरपुर मे पढ़ने आते है । ये बच्चे अपनी जान जोखिम मे डाल कर नाव तथा चचरी पुल से आने को विवस होते है । अन्य ग्रामीणों को भी लौरिया प्रखंड मे दैनिक कार्यो के निष्पादन के लिए भी इसी माध्यम को चुनना पडता है । कुछ लोगो का कहना है कि जवाहीरपुर घाट पर पुल नहीं होने के करण हमलोगों का कारोबार प्रखंड मुख्यालय से टूट चुका है ।
पर्यावरणविद व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत शिक्षक डॉ देवीलाल यादव ने बताया कि पुल बनने से नदी की अनियंत्रित धारा सीमा में रहकर चलेगी जिससे तटीय मिट्टी का कटाव रूकेगा । नदी किनारे आम के घने वृक्षावलियां है। बाढ़ के समय उफनती धारा तटीय कटाव कर आम और अन्य वनस्पतियों को बर्बाद करती है । पुल बनने से वहां डाउन स्ट्रीम में नदी का पाट संस्कृत होगा और बाढ़ के पानी में घुला गाद (सिल्ट) आगे जाकर मैदान में फैलेगा जिससे ऊपरी मिट्टी का निर्माण होगा । यह ह्युमस युक्त मिट्टी फसलों के लिए लाभकारी होंगी।
वही मानवाधिकार कार्यकर्ता और जिला बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताय कि पुल नहीं होने के करण से स्थानीय बच्चों की माध्यमिक स्तर की पढ़ाई प्रभावित हो रही तथा वही कुछ बच्चे अपनी जान जोखिम मे डालकर नाव के सहारे आने को विवश है। कई अभिभावक ऐसे हैं जो सुरक्षा कारणों से अपने बच्चों को जवाहरपुर उच्चातर माध्यमिक विद्यालय में नहीं भेजते है जिससे कही न कही इन बच्चों को प्राप्त शिक्षा व सुरक्षा के अधिकार का हनन हो रहा है ।
बच्चों और स्थानीय लोगों को हो रही समस्या के देखते हुए आदित्य कुमार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली भारत सरकार को ईमेल के माध्यम से इनके मानवाधिकार की रक्षा हेतु गुहार लगाई है ताकि जवाहीरपुर घाट के अगल बगल मे बसे लगभग 40000 की जनसंख्या लौरिया ब्लाक और अंचल कार्यालय सुरक्षित आ जा सके ।
