997 बोरा चीनी घोटाले के 35 साल पुराने मामले में निगरानी कोर्ट ने 6 कर्मियों को सुनाई सजा,गया जेल।

997 बोरा चीनी घोटाले के 35 साल पुराने मामले में निगरानी कोर्ट ने 6 कर्मियों को सुनाई सजा,गया जेल।

Bettiah Bihar West Champaran लौरिया

997 बोरा चीनी घोटाले के 35 साल पुराने मामले में निगरानी कोर्ट ने 6 कर्मियों को सुनाई सजा,गया जेल।

बेतिया से वकीलुर रहमान खान की‌ ब्यूरो रिपोर्ट।

लौरिया(पच्छिम चम्पारण)
जिला के लौरिया चीनी मिल से जुड़े 997 बोरा चीनी घोटाले के 35 साल पुराने मामले में निगरानी कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मिल के प्रशासन प्रमुख,लेखा अधिकारी,चार अन्य कर्मियों को सजा सुनाई है,जिसके बाद सभी को मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। मिल के प्रशासन प्रमुख रहे भोजपुर के नंदकुमार सिंह और प्रबंध निदेशक,विशेष सहायक,लखीसराय के उमेश प्रसाद सिंह को दो-दो साल की सजा के साथ 10 -10 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है।गोपालगंज के लेखा पदाधिकारी,अजय श्रीवास्तव,बेतिया के बिक्री लिपिक,लालबाबू प्रसाद,पूर्वी चंपारण के लेखा लिपिक, सुनील श्रीवास्तव और मधुबन के बिक्री प्रभारी धीरेन्द्र झा को तीन-तीन साल का जेल और 25- 25 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है।विशेष लोक अभियोजक,कृष्णा देव साह ने संवाददाता को बताया कि सजा सुनाई जाने के बाद अदालत में सभी को बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया है। दोषियों की उम्र लगभग 70 से 80 वर्ष के बीच में है।यह सभी लोग उच्च न्यायालय में इसके विरोध मेंअपील कर सकते हैं। इस मामले में, निगरानी ने कुल 18 अधिकारियों और कर्मियों पर चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है,शेष 15आरोपियों में से 9अभी-अभी भी फरार हैं। जिन पर स्थाई वारंट जारी है,10 दिसंबर को 6आरोपियों को दोषी पाया गया था,यह घोटाला सितंबर 1990 में हुआ था,जब बिहार स्टेट सूगर कॉरपोरेशन के लौरिया चीनी मिल से 997 बोरा चीनी चोरी हुई थी।

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