पर्व त्यौहार के अवसर पर मिलावटखोर,जमाखोर,घट तौली करने वालों पर कार्रवाई करने की हुई मांग:-सुरैयाशहाब।
बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
बेतिया(पच्छिम चम्पारण)
इन दिनों पर्व त्योहार का महीना चल रहा है,इस मौके पर मुनाफाखोर,जमाखोर, घट तौली करने वालों की चांदी कट रही है।दीपावली,छठ जैसे महान पर्व का इंतजार हर घर परिवार को रहता है,वैसे ही मिलावट करने वाले के साथ जमा खोरी और कम तौलने वालों की भी इस परअपनी गिद्धदृष्टि लगाए रहते हैं। पनीर,घी,मावा,दूध,दही, खोआ कीअतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए वह मिलावटखोर,जमाखोर,कम तौलने वाले हर तरह का चक्र रचते हैं,जिससे लोगों को सेहत पर इसका बुराअसर पड़ता है,इसकी भी उन्हें चिंता नहीं रहती है,उनका उद्देश्य सिर्फऔर सिर्फ पैसा कमाना, मुनाफाखोरी,जमाखोरीऔर कम तौलना ही उद्देश्ये रहता है
इन सभी पर लगाम लगाने की सख्तआवश्यकता है,ताकि खाद्य सुरक्षाअधिनियम की सोच सफलीभूत हो सके,इस तरह से लोगों को शुद्ध सामग्री मिल जाए।मिलावटी सामान बेचने वालों,जमाखोरोंऔर कम तौलने वालों का मनोबल इसलिए बढ़ा रहता है कि खाध्सामग्रीअधिनियम से संबंधित पदधिकारी कभी भी कोई जांच नहीं करते हैं,इन लोगों के साथ मिलकर घूसखोरी,राशि उगाही का काम करते हैं।जब इन पदाधिकारी को मिलावट करने वाले,जमाखोरी करने वाले,कम तौलने वालों से अच्छी खासी रकम प्रति माह मिल जाती है तो फिर इनको जांच करने का हौसला कहां सेआएगा,यह पदाधिकारी तो उनलोगों के कल्च में रहते हैं।
खाद्य संरक्षण विभाग के अधिकारी इस समय एक दो दुकानों की जांच कर,जांच की दिखावा कर कोरम पूरा कर चुप हो जाते हैं।इस संबंध में, जिला के मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता,सुरैया सहाब ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासनऔर खाद्य संस्करण विभाग के पदाधिकारीयों से जनहित में मांग की है कि इन लोगों पर पैनी नजर रखते हुए विभागीय स्तर पर दिन प्रतिदिन जांच कराई जाए,ताकि आमजन, और पर्व त्यौहार मनाने वाले लोगों को शुद्ध सामग्रीऔर कमतौल देने वालों से बचाया जा सके। मानवाधिकार कार्यकर्ता सा सामाजिक कर्तव्य साहब ने जनहित में मांग की है कि जिन मिलावट खोर,जमाखोरऔर कम तौलने वालों को जांच में पकड़ी जाए तो उनको सख्त-से शख्त सजा दी जाए ताकि पुनः इसकी पुनरावृति नहीं कर सके,विभाग द्वारा जुर्माना लगाकर,जुर्माना वसूल करके उनको छोड़ दिया जाता है, जिससे फिर वह इस काम को पुनःकरते रहते हैं,जिससे आम जनता ठगे जाते हैं,इस पर नियंत्रण करने,रोक लगाने की आवश्यकता है।
