बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को ले बैठक।
बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
बेतिया(पच्छिम चम्पारण) बाल विवाह की सामाजिक कुरीतियां को समाप्त करने तथा किशोरियों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्हें जागरूक किए जाने को ले राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार दिल्ली तत्पर है। इसी को ले नालसा द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है।
उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमरेंद्र कुमार राज ने सोमवार को विभिन्न विभाग के पदाधिकारीयों के साथ बैठक करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार आशा अभियान 2025 योजना के तहत चलाए जा रहे इस 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी ढांचे के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
साथ ही संवेदनशील समूह को सशक्त बनाने और लड़कियों लड़कों ,माता-पिता अभिभावकों और सभी हित धारकों को ज्ञान और संसाधनों के साथ बाल विवाह के लिए सामाजिक और पारिवारिक दबाव का सामना करने के लिए उन्हें सशक्त बनाना है।
इसके लिए संबंधित पंचायत के आशा, आंगनबाड़ी सेविका,पारा लीगल वॉलिंटियर्स, मुखिया, सरपंच द्वारा सक्रिय उपाय तो किए हीं जा रहें हैं। वहीं इसकी सफलता के लिए सरकारी एवं गैर सरकारी निकायों के बीच समन्वय को मजबूत करना भी है। ताकि हम बाल विवाह जैसे सामाजिक संकट के साथ एक अपराध भी है को जड़ से समाप्त करने में सफलता प्राप्त कर सकें। बैठक में डीएसपी मुख्यालय बेतिया, बगहा समेत डीपीआरओ, आईसीडीएस के पदाधिकारी समेत अन्य विभागों के पदाधिकारी,पीएलवी उपस्थित रहे।
