सीएचसी लौरिया की व्यवस्था सुदृढ़ रखने पर सख्त रुख: रोगी कल्याण समिति का व्यापक निरीक्षण, अवैध निजी दलालों पर कार्रवाई के संकेत

सीएचसी लौरिया की व्यवस्था सुदृढ़ रखने पर सख्त रुख: रोगी कल्याण समिति का व्यापक निरीक्षण, अवैध निजी दलालों पर कार्रवाई के संकेत

Bettiah Bihar West Champaran

सीएचसी लौरिया की व्यवस्था सुदृढ़ रखने पर सख्त रुख: रोगी कल्याण समिति का व्यापक निरीक्षण, अवैध निजी दलालों पर कार्रवाई के संकेत।

लौरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की‌ ब्यूरो रिपोर्ट।

लौरिया (पच्छिम चम्पारण)
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लौरिया में रोगी कल्याण समिति ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन कुमार एवं रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय के अध्यक्ष सह प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार की अध्यक्षता में सीएचसी का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लौरिया थाना के दरोगा कामता सिंह भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में दवा वितरण कक्ष, प्रसूति कक्ष, चिकित्सक परामर्श कक्ष, पेयजल व्यवस्था तथा शौचालय की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधा और उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई, सुव्यवस्थित सेवाएं और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि रोगियों एवं उनके परिजनों को बेहतर, सुलभ और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के भी निर्देश दिए।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन कुमार ने बताया कि समिति के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि सीएचसी में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार समय पर मिल सके।
इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के सचिव के निर्देश के आलोक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर में निजी नर्सिंग होम, निजी जांच-घर/एक्स-रे केंद्र एवं निजी दवा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मियों द्वारा मरीजों को गुमराह कर निजी संस्थानों में इलाज, जांच और दवा खरीदने के लिए भेजना गंभीर अपराध है। ऐसे कृत्यों से आमजन को सरकारी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित किया जाता है और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न होती है।
इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए गए हैं। साथ ही, यदि किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी उद्देश्य से लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर जांच दल का गठन किया गया है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गरिमा और विश्वास बना रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *