एचपीसीएल चीनी मिल लौरिया को अचानक बंद होने से भड़के किसान, गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर एनएच-727 को किसानों ने किया जाम।
छोटे-बड़े वाहन सहित एम्बुलेंस भी फंसे रहे जाम में।
लौरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
लौरिया (पश्चिम चंपारण): एचपीसीएल चीनी मिल लौरिया के अचानक बंद हो जाने से क्षेत्र के गन्ना किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। बुधवार की सुबह मिल प्रबंधन द्वारा मिल बंद किए जाने की सूचना मिलते ही रिजर्व क्षेत्र के किसान गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मिल गेट पर पहुंच गए और विरोध स्वरूप मिल गेट के सामने से गुजरने वाले एनएच-727 को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
किसानों का कहना था कि मिल प्रबंधन द्वारा गन्ना नहीं गिराया जा रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में खड़ा है, जबकि कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना लादकर कई घंटों से मिल गेट के बाहर खड़े थे। अचानक मिल बंद कर देने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का कहना था कि अगर समय पर गन्ना की तौल नहीं हुई तो उनकी पूरी फसल खराब हो सकती है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों में गुड्डू मिश्रा, वीरेन्द्र राय, लालबचन यादव, ओमप्रकाश कुशवाहा, अजय कुमार, अशित मंडल, गणेश कुमार यादव, नंदलाल यादव, रामनाथ सिंह, सुधीर कुमार यादव, विरजन यादव और शंकर यादव सहित कई किसान शामिल थे। किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से अपने गन्ने की तौल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मिल प्रबंधन द्वारा संतोषजनक व्यवस्था नहीं की जा रही है।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। जाम हटवाने के लिए थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा और बीडीओ संजीव कुमार ने काफी मशक्कत की। इस दौरान आक्रोशित किसानों और पुलिस के बीच कुछ देर तक तीखी बहस भी हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
करीब कई घंटे तक चले हंगामे के बाद मिल प्रबंधन ने किसानों को आश्वासन दिया कि रिजर्व क्षेत्र के किसानों का गन्ना लिया जाएगा और तौल की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद मिल गेट से पुनः गन्ना तौल शुरू कराई गई, तब जाकर किसानों ने सड़क जाम समाप्त किया और आवागमन सामान्य हो सका।
इस दौरान किसानों को समझाने के लिए नीलेश तिवारी, जदयू जिलाध्यक्ष कन्हैया कुशवाहा और हिमांशु कुमार सहित कई स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
