विश्व शांति के संदेश के साथ भूटान के बौद्ध भिक्षु पहुंचे लौरिया।
नन्दनगढ़ स्तूप का किया परिक्रमा।
लौरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
लौरिया (पच्छिम चम्पारण)
बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत को नमन करते हुए भूटान से आए 22 बौद्ध भिक्षुओं के एक दल ने लौरिया स्थित ऐतिहासिक नन्दनगढ़ स्तूप का विधिवत परिभ्रमण किया। इस अवसर पर भिक्षुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की तथा बुद्ध वंदना के माध्यम से विश्व शांति और करुणा का संदेश दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी बौद्ध भिक्षु पदयात्रा पर निकले हुए हैं। दल के मुख्य गुरु ने बताया कि यह जत्था भूटान से प्रस्थान कर सबसे पहले बोधगया पहुंचा, जहां महाबोधि मंदिर में दर्शन-पूजन किया गया। इसके पश्चात कुशीनगर और पडरौना होते हुए भिक्षुओं का यह दल लौरिया के नन्दनगढ़ स्तूप स्थल पहुंचा।
भगवान बुद्ध से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध नन्दनगढ़ स्तूप पर भिक्षुओं ने गहन आस्था के साथ ध्यान-साधना भी की। भिक्षुओं के आगमन से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बन गया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस दौरान खासा उत्साह देखा गया। कई लोगों ने भिक्षुओं से संवाद कर बौद्ध धर्म, पदयात्रा और उसके उद्देश्य के बारे में जानकारी प्राप्त की।
नन्दनगढ़ स्तूप का परिभ्रमण पूर्ण करने के उपरांत बौद्ध भिक्षुओं का यह जत्था अपनी अगली यात्रा के लिए वैशाली की ओर रवाना हो गया। भिक्षुओं ने बताया कि इस आध्यात्मिक पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, अहिंसा और बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करना है।
