30 साल से बकाया मजदूरी नहीं मिलने पर लौरिया में चीनी मिल कर्मियों व आश्रितों का जोरदार प्रदर्शन।
लौरिया से राजा मिश्रा के सहयोग से बेतिया से वकीलुर रहमान खान की ब्यूरो रिपोर्ट।
लौरिया(पच्छिम चम्पारण)
बिहार राज्य चीनी निगम की लौरिया इकाई में कार्यरत रहे कर्मचारियों और उनके आश्रितों ने लगभग तीन दशक पुरानी बकाया मजदूरी के भुगतान की मांग को लेकर नगर पंचायत लौरिया में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत राज्य के उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और दिवंगत कर्मियों की पत्नियों ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में बिहार राज्य चीनी निगम के अंतर्गत सीजनल एवं स्थायी कामगार कार्यरत थे। 26 जनवरी 1997 को सभी कर्मचारियों को पीएफ के दायरे में लाया गया, लेकिन सीजन 1996-97 में पेराई सत्र की सभी तैयारियां पूरी होने के बावजूद लौरिया चीनी मिल को बंद कर दिया गया। तभी से मजदूर अपनी मेहनत की कमाई के लिए भटकने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन में शामिल रामेश्वर तिवारी, कामेश्वर तिवारी, राजेंद्र अवस्थी, बद्री ततवा, मधोली यादव, बेलाश यादव सहित अन्य कर्मियों ने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं दिवंगत कर्मियों की आश्रित महिलाओं—स्व. भरत मिश्र की पत्नी कुसुम देवी, स्व. शंकर राउत की पत्नी जोनी देवी, स्व. चंदीरका धांगड़ की पत्नी सरस्वती देवी, रामपति देवी, फुलमती देवी, रामायण राम, मालती देवी, सरिता देवी सहित अन्य ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अब तक उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
आश्रित महिलाओं ने कहा कि जिला से लेकर राज्य स्तर तक के कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते वे थक चुकी हैं। उन्हें जो न्यूनतम पेंशन मिलती है, उससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बकाया मजदूरी का भुगतान और पेंशन में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वर्षों से लंबित मजदूरी का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।
